Wednesday, December 21, 2011

आज का सन्देश (21 .12 .2011 )


  • शांति (PEACEFUL Life ) के गुणों को पहचाने. अगर इच्छाओं पर काबू पा लिया, तो शांति (peaceful life) के गुण बढ़ जाते है.
  • सूर्य के तेज को याद रख और दान मे दी हुई चीज कभी भी वापिस न लेना. वापिस लिया तो आशीर्वाद (दुआएं) के बदले श्राप (बद-दुआएं)मिलती है.
कौन सा निश्चय पक्का हो जाये ताकि किसी भी विरोध का सामना कर सकेंगे.
  • अगर भगवान/teacher मे निश्चय हो जाये तो हम विकारों का सामना कर पाएंगे.
तुम्हे पा कर हमने, जहाँ पा लिया.
दूर वादियों के रहने वाले, अपने आप को पहचाने.
  • आप आत्माभिमानी बनो, इसके लिए मेहनत करो, बुद्धि मे सिर्फ याद रहना चाहिए. पुरुषार्थ कर, उसका फल जरुर मिलेगा.
  • चलते-चलते तूफ़ान बहुत आतें है. क्रोध रुपी तूफ़ान को छोड़ना पड़ेगा, वर्ना वो कहीं न कहीं से (आखों से, बात्तों से या हाथों से) बाहर निकलेगा. क्रोध का भूत बहुत ख़राब है, इस विकार को दान दो.
  • घर मे हंस और बगुला इक्ट्ठा नहीं रह सकते, खिट-पिट, नोक-झोंक तो होगी ही. हंस बनो और बनाओ, सच्ची शांति मिलेगी.
  • विकर्मों का विनाश करो. जितना अधिक पढोगे, उतना ऊँचा पद पाओगे.

1 comment:

केवल राम : said...

घर मे हंस और बगुला इक्ट्ठा नहीं रह सकते, खिट-पिट, नोक-झोंक तो होगी ही. हंस बनो और बनाओ, सच्ची शांति मिलेगी


यही कुछ तो कब से कहा जा रहा है लेकिन जिन्होंने समझा है वही इसका सही मतलब जानते हैं वर्ना सभी सुन कर अनसुना कर देते हैं ...!