Thursday, October 20, 2011

आज का संदेश (Thursday, October 20, 2011)


  • अपने से कमजोर मनुष्य व् प्राणियों पर रहम और प्यार बरसायें.
  •   प्यार मे क़ुरबानी देनी होती है. इसके लिए व्यर्थ संकल्प और व्यर्थ समय के संस्कार का त्याग करें.
  • मन की CONTROLLING POWER कम होने से ये धोखा दे जाता है. मन के मालिक बन, इसे रोज CHECK करें और मन को ऐसे  BUSY करो कि व्यर्थ संकल्प आपको छू भी न पाए.
  • मन के मालिक बनो और विश्व विजेता बनो. अपने को सम्पूर्ण बनाओ. इस कार्य के लिए DATE FIX करो, मन के मालिक बनो और इस DIWALI पर मन के मालिक बन, DIWALI मनाओ.
  • आज अपने परमात्मा/गुरु/ से PROMISE करो कि व्यर्थ संकल्प को नहीं छुओगे और दृढ़ संकल्प कर, मन के मालिक बन, दृढ़ता को धारण करें. 

दृढ़ता सफलता क़ी चाबी है.

  • समय और संकल्प को व्यर्थ नहीं गंवाना है.
सफलता आपका जन्मसिद्ध अधिकार है. अलबेले मत बनो. यही शुभ भावना धारण करो. इसी से सम्पन्ता और मुक्ति द्वार खुलेगा.
  • आज के बाद व्यर्थ संकल्प क़ी समाप्ति कर श्रेषठ संकल्प करो.

इसी शुभ भावना, शुभ कामना से दिवाली मनाओ और मन को दृढ़ संकल्पित करो.
                                                                                              मुसाफिर क्या बेईमान

1 comment:

जाट देवता (संदीप पवाँर) said...

आपको गोवर्धन अथवा अन्नकूट पर्व की हार्दिक मंगल कामनाएं,